
आज दिनांक 12 जून को सिंदरी गुरुद्वारा साहिब में सिखों के छठे गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी का पावन पर्व बड़े श्रद्धा, सम्मान और आध्यात्मिक भावनाओं के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन स्त्री सभा की ओर से किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस अवसर पर सुखमणि साहिब का पाठ किया गया, और संगत ने शांति व श्रद्धा से गुरबाणी का रसपान किया। पाठ के पश्चात अरदास हुई और फिर विशेष रूप से तैयार किया गया प्रसाद – मिसिया रोटियां, आम, प्याज और लस्सी – संगत को वितरित किया गया। इस धार्मिक आयोजन में स्मृति नागी, हरभजन कौर, दविंदर कौर, जसपाल कौर, रीता कौर, हरजीत कौर, संतोष रानी, गुरप्रीत कौर, रानी कौर, मनदीप कौर, हरेंद्र सिंह, जगदीश्वर सिंह, गुरुचरण सिंह, मंजीत उप्पल, नरेंद्र सिंह और सती सिंह सहित कई श्रद्धालु पुरुषों व महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी की। इन सभी ने सेवा, पाठ, अरदास और आयोजन व्यवस्था में सराहनीय योगदान दिया। गुरु हरगोबिंद साहिब जी का जन्म 19 जून 1595 को वडाली (अमृतसर) में हुआ था। वे गुरु अर्जुन देव जी और माता गंगा के सुपुत्र थे। केवल 11 वर्ष की आयु में, 1606 में, वे गुरु गद्दी पर विराजमान हुए। अपने पिता की शहादत और उस समय के मुगलों के अत्याचारों को देखते हुए, उन्होंने सिख धर्म को एक नया और सशक्त रूप प्रदान किया।

