पाकुड़ न्यायालय में बाल श्रम निषेध दिवस पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम 

पाकुड़ न्यायालय में बाल श्रम निषेध दिवस पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम 


विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर पाकुड़ न्यायालय के सभागार में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ शेष नाथ सिंह के निर्देश पर डालसा सचिव रूपा बंदना किरो की उपस्थिति में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के सभागार में आयोजित की गई। कार्यक्रम में उपस्थित एक दिवसीय किशोरियों का एक्सपोजर विजिट के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के सचिव रूपा बंदना किरो ने बताया कि बाल श्रम की समस्या को उजागर करने और इसे खत्म करने के लिए वैश्विक प्रयासों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर साल 12 जून को विश्व बालश्रम निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है।बालश्रम गरीबी,अशिक्षा, बेरोजगारी, सामाजिक असमानता और जागरूकता की कमी से उत्पन्न होता है।

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस-2025 का थीम प्रगति स्पष्ट है।अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने साल 2002 में इसकी शुरुआत की थी, ताकि बच्चों को शोषण से बचाया जा सके और उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और खुशहाल बचपन का अधिकार मिल सके।बच्चों से होटल, फैक्ट्री, खेत, दुकानों, घरों और अन्य जगहों पर काम करवाया जाता है। इससे न सिर्फ बच्चों का बचपन छिन जाता है, बल्कि उनके शरीर और दिमाग पर भी बुरा असर पड़ता है। लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ ने कहा कि बाल श्रम की समस्या को उजागर करने और इसे खत्म करने के लिए वैश्विक प्रयासों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर साल 12 जून को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है। बाल श्रम से संबंधित कई कानूनी सजा का प्रावधान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बच्चों का विकास, संरक्षण का अधिकार समेत उनके अधिकार के बारे में कानूनी जागरूकता से अवगत कराया गया। मौके पर पीएलवी पिंकी मंडल, रानी साहा, चंद्र शेखर घोष, उत्पल मंडल, विजय कुमार राजवंशी, नीरज कुमार राउत उपस्थित रहे।

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