
यूपी के कौशांबी में रामबाबू तिवारी की आत्महत्या के बाद उनके परिवार ने न्याय की मांग को लेकर NH-2 पर शव रखकर शांति पूर्ण प्रदर्शन किया। इसके जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। इस बीच, ASP राजेश सिंह ने हाईकोर्ट के वकील और मृतक के भतीजे आशीष तिवारी को थप्पड़ मार दिया, जिससे इलाके में भारी आक्रोश फैला। बताया जा रहा है कि मृतक ने आत्महत्या से पहले अपने पेट पर आरोपियों के नाम लिखे थे। परिवार का कहना है कि पुलिस और सियासी गठजोड़ के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। परिजन सवाल उठा रहे हैं कि क्या यही है जनता की सुरक्षा? और क्या पीड़ित परिवार की आवाज़ दबाना पुलिस का नया कर्तव्य बन गया है? मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

