रानीगंज अस्पताल में हंगामा, इलाज में लापरवाही का आरोप 

रानीगंज अस्पताल में हंगामा, इलाज में लापरवाही का आरोप 

रानीगंज के बांसरा इलाके स्थित एक निजी हॉस्पिटल में इलाज मे लापरवाही का आरोप लगाते हुए एक मरीज के परिजनों ने जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की। घटना के बारे में मरीज रुखसाना परवीन के रिश्तेदार इमरान ने बताया कि घुटने में ट्यूमर के इलाज के लिए रुखसाना को फरवरी में इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में उसका इलाज भी हुआ, लेकिन अब उसे कैंसर हो गया है। इमरान ने बताया कि जब उसने अस्पताल से रुखसाना के इलाज की रिपोर्ट मांगी तो अस्पताल वाले बहाने बनाने लगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अब अस्पताल की ओर से पैसे की भी मांग की जा रही है। इमरान ने बताया कि वह चाहता है कि उसकी मरीज ठीक हो जाए, क्योंकि  ट्यूमर बोल कर उनकी मरीज का इसी अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था। उसकी मांग है कि उसकी मरीज ठीक हो जाए।घटना के बारे में रुखसाना परवीन के भतीजे मोहम्मद हसनैन ने बताया कि पैर में ट्यूमर बोल कर उनकी बुआ को दिसंबर में इस अस्पताल में भर्ती किया  गया था। फरवरी में उसका ऑपरेशन हुआ था, लेकिन उसके बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।

फिर एक महीने पहले उसे फिर इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उस समय डॉक्टर ने कहा कि उसे कैंसर हो सकता है और बायोप्सी करानी पड़ेगी, लेकिन वे बायोप्सी में भी देरी कर रहे थे। मोहम्मद हसनैन ने कहा कि 28 फरवरी को रुकसाना परवीन को वापस भेज दिया गया, जिसकी रिपोर्ट 15 मार्च तक आ गया था लेकिन फिर भी अस्पताल के अधिकारियों ने उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी और आज उन्हें मूल रिपोर्ट दी जा रही है, जिसमें कहा गया है कि उसे कैंसर है।फिलहाल उनकी रुकसाना परवीन कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल के अधिकारियों से उनकी मांग है कि अस्पताल रुकसाना परवीन के इलाज पर अब तक हुए खर्च का भुगतान करे और ठीक होने के बाद उसे घर भेजे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल स्वास्थ्य साथी कार्ड स्वीकार नहीं करता है और मरीज के परिजनों से नकद की मांग की जाती है। नकद लेने के बाद भी कोई रसीद नहीं दी जाती है। उन्होंने कहा, “न केवल वह प्रभावित है, बल्कि अस्पताल ने एक अन्य बच्चे के साथ भी यही किया, उसकी सर्जरी की गई क्योंकि उसे ट्यूमर था, लेकिन अब उसके फेफड़ों में पानी भर गया है और वह बच्चा भी जीवन और मृत्यु के खतरे में है। वह अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है।

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