नोएडा, जिसे यूपी का स्मार्ट सिटी मॉडल कहा जाता है, वहां हालात अब चौकाने वाले हैं। नोएडा प्राधिकरण अपनी ही जमीन पर कब्जा हटाने पहुंचा, मगर अतिक्रमणकारियों ने पुलिस के सामने ही अधिकारियों को धमका कर भगा दिया। हालात ऐसे बने कि बुलडोज़र यानी पिला पंजा भी बिना कार्रवाई लौट आया। सबसे बड़ा सवाल ये है कि जब सरकारी जमीन पर निर्माण हो रहा था, तब प्राधिकरण के अधिकारी कहां थे? स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्क सर्किल और सुपरवाइजर मोटा कमीशन लेकर कब्जा

कराते हैं। लाखों-करोड़ों की जमीन पर कब्जा होता है, और सिस्टम मूक दर्शक बना रहता है। अब वक्त है सवाल उठाने का — क्या नोएडा में कानून सिर्फ आम आदमी के लिए है?”

