
“ये वही आतंकी हैं, जिन्होंने मासूमों से जबरदस्ती कलमा पढ़वाया… और फिर गोली मार दी। क्या यही है इंसानियत? क्या यही है मजहब?” 🩸 “बेसहारा लोगों पर हमला करके ये जश्न मना रहे हैं… लेकिन याद रखना – जब हिंदुस्तान की सेना जवाब देती है, तो आतंक की जड़ें कांप जाती हैं।” ⚔ “जो देश के निर्दोष नागरिकों पर बंदूक उठाएगा, वो एक दिन अपने अंजाम को जरूर पहुंचेगा। ये भारत है – ना भूलता है, ना छोड़ता है।” 🛑 “और उन लोगों से भी सवाल है जो अब भी चुप हैं… अब भी आंखें बंद हैं क्या?”

