“जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने एक और परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया। यूपी के कानपुर निवासी शिवम द्विवेदी, जो कुछ ही महीने पहले शादी के बंधन में बंधे थे, अब हमारे बीच नहीं हैं।” “शिवम फरवरी में विवाह के बाद अपनी पत्नी और परिवार के साथ कश्मीर घूमने आए थे। लेकिन उनकी जिंदगी की ये ट्रिप आखिरी साबित हुई।” “जब शिवम घुड़सवारी कर पत्नी के साथ लौट रहे थे, तभी आतंकियों ने उनका नाम पूछा… और सिर में गोली मार दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।” “शिवम पेशे से कारोबारी थे, अपने पिता के साथ सीमेंट का व्यापार करते थे।

उनकी उम्र महज़ 31 साल थी। ये हमला ना सिर्फ एक परिवार की कहानी उजाड़ गया, बल्कि देश के हर नागरिक को झकझोर गया।” “आतंकियों ने न सिर्फ गोलियां चलाईं, बल्कि नाम पूछ-पूछकर मासूम लोगों को मौत के घाट उतारा। 26 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें से 25 पर्यटक थे।” “शिवम अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके साथ हुआ अन्याय देश नहीं भूलेगा। सरकार से अपील है कि इस जघन्य अपराध का जवाब सख्त और निर्णायक होना चाहिए।”

