हादसे के 50 घंटे बाद बनी सहमति, केरेडारी माइंस में खनन कार्य बहाल | 

हादसे के 50 घंटे बाद बनी सहमति, केरेडारी माइंस में खनन कार्य बहाल | 

20 अप्रैल को कोल ट्रांसपोर्टिंग कंपनी ओएसएल के हाइवा वाहन के चपेट में आने से मृत बीजीआर कर्मी विकास कुमार राम पिता तेतर राम पांडु गांव निवासी के शव को 56 लाख 50 हजार रुपए मुआवजा देने के सहमति के आधार पर उठा लिया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस संदर्भ में मिली जानकारी के अनुसार स्थानीय विधायक रौशन लाल चौधरी, सीओ रामरतन कुमार वर्णवाल, एनटीपीसी केरेडारी कोल माइंस के एजीएम सुभाष प्रसाद गुप्ता, जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि निरंजन कुमार पांडु मुखिया पति रवानी मियां, इंटक नेता परमेश्वर कुमार ओ एस एल कंपनी के प्रतिनिधि परवेज समेत अन्य के पहल पर मृतक के पत्नी ग्रामीणों और परिजनों के बीच 56 लाख 50 हजार रुपए मुआवजा देने मृतक की पत्नी कविता देवी को नौकरी भत्ता मृतक के तीनों बच्चों को शिक्षा के सुविधा एनटीपीसी द्वारा देने तथा किसी भी व्यक्ति पर मुकदमा नहीं दर्ज करने के लिखित सहमति के आधार पर 50 घंटे से बंद केरेडारी कोल माइंस में कोयला खनन और परिवहन कार्य शुरू हो गया।

मुआवजा राशि में कविता देवी को सात लाख रुपए ओएसएल कोल ट्रांसपोर्ट कंपनी से तीन लाख रुपए माइनिंग कंपनी बीजीआर से 13 लाख 50 हजार रुपए बीजीआर कंपनी के वर्कर्स का बीमा लाभ और लगभग 30 लाख रुपए हाइवा वाहन के बीमा लाभ मिलेगा। मौके पर स्थानीय विधायक रौशन लाल चौधरी, एनटीपीसी से एसपी गुप्ता बिजिआर से श्रीनिवासन,सीओ रामरतन कुमार वर्णवाल, पगार ओपी प्रभारी बिक्की ठाकुर,रवानी मियां, पंकज साहा,भोला महतो, कंचन यादव, सुंदर गुप्ता, विनोद नायक, अर्जुन राम,परमेश्वर कुमार, ओएसएल कोल ट्रांसपोर्टिंग कंपनी के प्रतिनिधि परवेज समेत अन्य लोग मौजूद थे।

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