बोकारो में सीआईएसएफ द्वारा विस्थापित युवकों पर किए गए लाठीचार्ज के बाद एक युवक की मौत हो गई, जिससे पूरे शहर में तनाव फैल गया है। यह घटना उस समय हुई जब प्रदर्शनकारियों ने बीएसएल में नियोजन की मांग को लेकर इस्पात भवन के मुख्य गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति बिगड़ने के कारण प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की, जिससे शहर में अफरा-तफरी मच गई। प्रदर्शन के विरोध में शुक्रवार को बोकारो बंद का आह्वान किया गया, जिसे जेएलकेएम, आजसू और बीजेपी ने समर्थन दिया। इस दौरान स्थानीय विधायक श्वेता सिंह और जेएलकेएम नेता जयराम महतो के समर्थकों के बीच टकराव हुआ। दोनों के समर्थकों के बीच भिड़ंत हो गई, जिससे जयराम महतो की स्कार्पियो का बोर्ड टूट गया। श्वेता सिंह और उनके समर्थकों का कहना था कि यह

उनका विधानसभा क्षेत्र नहीं है, जबकि जयराम महतो ने जवाब देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में उन्हें बोकारो से 40 हजार वोट मिले थे, इसलिए वे लोगों के दुख में शामिल होने आए हैं। इस घटना के बाद सीआईएसएफ और विस्थापितों के बीच टकराव की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है। बीएसएल प्रबंधन ने विस्थापितों की मांगों पर विचार करते हुए उन्हें रोजगार देने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और शहर की स्थिति कब सामान्य होती है।