झारखंड की राजनीति में एक नया मोड़ सामने आया है। डुमरी के विधायक, जो आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, ने हेमंत सोरेन सरकार पर बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि आदिवासी समाज को लेकर हेमंत सोरेन सरकार ने सिर्फ वादे किए हैं, लेकिन धरातल पर कुछ भी नहीं किया।डुमरी विधायक ने हाल ही में एक जनसभा के दौरान कहा कि आदिवासी समुदाय को हक और अधिकार दिलाने के नाम पर सरकार केवल राजनीति कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी 2029 में झारखंड में एक नई सरकार बनेगी, और वह सरकार आदिवासी समाज के हित में काम करेगी।विधायक का आरोप है कि आदिवासी समाज के लिए जो योजनाएं बनाई गईं थीं, वह सिर्फ कागजों तक सीमित रह गईं।

उनकी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, और सरकार की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।हालांकि हेमंत सोरेन सरकार ने इस आरोप का जवाब देते हुए इसे विपक्षी राजनीतिक चाल कहा है, और उनका कहना है कि आदिवासी समाज के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। फिर भी विधायक के आरोपों ने सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा किया है।झारखंड में आदिवासी समुदाय की स्थिति और उनके अधिकारों के मुद्दे पर यह खुलासा राजनीति का एक नया मोड़ हो सकता है। क्या यह आरोप सरकार के खिलाफ जनाक्रोश को बढ़ाएंगे? या फिर यह महज एक राजनीतिक बयानबाजी होगी, यह देखना दिलचस्प होगा।आदिवासी समाज का उत्थान और उनके अधिकारों की सुरक्षा झारखंड के भविष्य के लिए अहम है। 2029 में होने वाली सरकार क्या वाकई में उनके लिए बदलाव लाएगी? यह सवाल अब भी बना हुआ है।