हजारीबाग में सरहुल पर्व की धूम, कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह ने की शिरकत


हजारीबाग में सरहुल पर्व की धूम, विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए हर व्यक्ति को आगे आना होगा- मुन्ना सिंह आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत रही है- केंद्रीय सारण समिति के अध्यक्ष महेंद्र बैक हजारीबाग- झारखंड में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाए जाने वाले सरहुल पर्व के अवसर पर महेंद्र बैक,ने,विशिष्ट कांग्रेस के मुन्ना सिंह अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने हजारीबाग के नया बस स्टैंड स्थित सरहुल मैदान में पूजा-अर्चना कर पर्व की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय समाज के लोगों से मुलाकात कर उन्हें सरहुल पर्व की शुभकामनाएं दीं और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर अपहरण समाहर्ता, संतोष कुमार सिंह एवं सदर अंचल अधिकारी कुमार मयंक भूषण सिंह को माला पहनकर स्वागत किया वहीं उन्होंने कहा कि सरहुल पर्व झारखंड और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में आदिवासी समाज द्वारा मनाया जाने वाला प्रमुख प्राकृतिक उत्सव है, जो वनों, जल स्रोतों और भूमि के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है। यह पर्व पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सद्भाव और परंपराओं के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने बढ़ते पर्यावरणीय संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए हर व्यक्ति को आगे आना होगा।

उन्होंने कहा, प्रकृति की पूजा भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। हमें अपनी परंपराओं को संरक्षित रखते हुए धरती के संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। जबकि आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए उन्होंने इसके संरक्षण और संवर्धन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सदैव आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत रही है और आगे भी उनके विकास, शिक्षा, रोजगार और पारंपरिक अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। सरहुल उत्सव के दौरान स्थानीय लोगों ने मुन्ना सिंह का गर्मजोशी से स्वागत किया। सरना समिति के सदस्य फुलवा कच्छप ने उन्हें सम्मानस्वरूप बैच पहनाया। इसके उपरांत, मुन्ना सिंह ने जनता से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने आश्वस्त किया, आपकी परेशानियाँ मेरी परेशानियाँ हैं। आपकी समस्याओं के समाधान के लिए मैं हरसंभव प्रयास करूंगा। इस शुभ अवसर पर स्थानीय गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता और सरना समिति के सदस्य भी बड़ी संख्या में पूरा क्षेत्र पारंपरिक गीतों, नृत्यों और उल्लास से गूंज उठा, जिससे सरहुल पर्व की महत्ता और अधिक बढ़ गई। अपने अपने अखाड़ा से झांसी की प्रस्तुत की और नगरर्भमण हुलास,के साथ किया मौके पर संरक्षक कृपाल कश्यप फुलवा कक्षा बंधन एकका प्रीतम उरांव बंधन टोपो महेंद्र कुजूर सुनील लकड़ा मनोज टुडू जगन कक्षाप, जीत वाहन भगत बीटो बैक एवं समाज के कई लोग शामिल हुए

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *