भारत में धर्म और संस्कृति का गहरा संबंध है, और इसे समृद्ध बनाने के लिए समय-समय पर धार्मिक आयोजन होते रहते हैं। इसी परंपरा के तहत बोकारो जिले के नवाडीहा स्थित पुरानी दहियारी में रविवार को श्री श्री 1008 श्री सीताराम नवाह पारायण महायज्ञ का दिव्य शुरुआत हुआ। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का अनूठा अनुभव बना। और 7 अप्रैल 2025 तक चलेगा महायज्ञ के शुभारंभ के अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई हजारों श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा में भाग लिया। महिलाएँ सिर पर पवित्र जल से भरे कलश लेकर ‘जय श्रीराम’ के जयघोष के साथ आगे बढ़ रही थीं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया। इसके बाद प्रसाद वितरण भी किया गया। डुमरी विधायक जय राम महतो ने इस अवसर पर कहा कि आधुनिक जीवनशैली में लोग व्यस्त होते जा रहे हैं, जिससे धर्म और संस्कृति से दूर हो रहे हैं। ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी प्राचीन परंपराओं को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को प्रोत्साहित करने की बात कही।

जिला परिषद सदस्य महेंद्र प्रसाद ने बताया कि यह महायज्ञ पिछले तीन वर्षों से लगातार हो रहा है और लोगों की श्रद्धा और सहयोग से इसका स्वरूप भव्य बनता जा रहा है। उन्होंने युवा नेता जय राम महतो का आभार व्यक्त किया, जिनकी उपस्थिति से आयोजन को विशेष ऊर्जा मिली। स्वामी हंसानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि रामनवमी का पर्व निकट है और हिंदू समाज को संगठित रहने की जरूरत है। उन्होंने एकता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जब हम एकजुट रहेंगे, तभी हमारी संस्कृति और परंपराएँ सशक्त बनी रहेंगी। इस अवसर पर कई गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे, जिनमें अध्यक्ष भीम साव, सचिन घनश्याम पंडित, कोषाध्यक्ष ईश्वर साव , जिला परिषद सदस्य फूलमती देवी, पूर्व मंत्री बेबी देवी, आजसु प्रत्याशी यशोदा देवी, बनारस से आए विद्वान पंडितगण, ग्राम प्रधान, उप-मुखिया, पंचायत समिति सदस्य एवं वार्ड सदस्य शामिल थे। सभी की उपस्थिति ने इस धार्मिक आयोजन को और भी विशेष बना दिया।