हरिहरपुर थाना क्षेत्र के गुनघूसा मोड़ पर शनिवार को लोहा चोरी के बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ। यहां के ग्रामीणों ने एक शातिर चोर को रंगे हाथ पकड़ लिया और उसकी जमकर धुलाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। यह चोरी मामूली नहीं थी, बल्कि बांग्लादेशी घुसपैठियों और कबाड़ी माफिया का हिस्सा थी। गुनघूसा पंचायत के गोस्वामी टोला निवासी राजेश गोस्वामी के घर से तीन महीने पहले भी चोरी हुई थी, जब घर के फ्लावर डेकोरेशन के लिए रखे गए लोहे के ट्रस्ट चोरी हो गए थे। शनिवार को चोरों ने फिर से धावा बोला और भारी मात्रा में लोहा चोरी कर लिया। इसमें 6 फीट के ट्रस्ट – 4 पीस, 5 फीट के ट्रस्ट – 5 पीस, 2 फीट के ट्रस्ट – 10 पीस, और 3 फीट के ट्रस्ट – 2 पीस शामिल थे। चोरी की जानकारी मिलते ही राजेश गोस्वामी ने अपनी जांच शुरू की और पता चला कि चोरी का माल आजाद नगर टेहराटांड़ के कबाड़ी गोदाम में बेचा जा रहा था। जब वह वहां पहुंचे, तो देखा कि ₹45,000 के चोरी किए गए माaल में से सिर्फ ₹9,000 का माल ही वहां बचा था,

बाकी कबाड़ी माफियाओं ने पहले ही बेच दिया था। गुस्साए ग्रामीणों ने मौके पर ही चोर रजाउल करीम शेख को पकड़ लिया। वह दादपुर मुर्शिदाबाद, बंगाल का निवासी बांग्लादेशी था और चोरी का माल कबाड़ी संचालक राउफ अंसारी के गोदाम में बेचने जा रहा था। ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। हरिहरपुर थाना प्रभारी राहुल कुमार झा ने मौके पर पहुंचकर आरोपी रजाउल करीम शेख को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से चोरी का माल भी बरामद किया गया। गिरफ्तार होने के बाद पूछताछ में रजाउल करीम ने बताया कि उसे यह चोरी का माल सुकूडीह के एक युवक ने बेचा था। वह उसे कबाड़ी संचालक राउफ अंसारी के गोदाम में बेचने जा रहा था। गुनघूसा पंचायत के मुखिया लक्ष्मी नारायण ने इस घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए कहा, “यह कबाड़ी दुकानें चोरी के माल का अड्डा बन चुकी हैं। यहां तक कि घरों के दरवाजे, खिड़कियां तक सुरक्षित नहीं हैं। बांग्लादेशी घुसपैठिए इस अवैध धंधे में गहराई तक जुड़े हुए हैं। प्रशासन को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”