हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने विधानसभा सत्र के दौरान मिशन ग्राउंड की भूमि को लेकर सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार द्वारा दिए गए जवाब को अस्पष्ट, भटकाने वाला और बिना ठोस समाधान वाला बताते हुए कहा कि यह मैदान हजारीबाग के लिए ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है, लेकिन इसकी स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। विधायक ने सरकार से मांग की इस भूमि का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाए और इसे अतिक्रमण मुक्त कर साफ-सुथरा एवं विकसित किया जाए, ताकि हजारीबाग की जनता को एक स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित सार्वजनिक स्थल मिल सके। विधानसभा अध्यक्ष महोदय को संबोधित करते हुए विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा की सरकार ने अपने जवाब में स्पष्ट किया है कि यह भूमि ‘खास महाल’ के अंतर्गत आती है। यदि यह खास महाल की जमीन है, तो सरकार इसे अतिक्रमण मुक्त करने में क्यों असमर्थ है? सरकार ने अब तक इस मैदान की सफाई, सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया? यह मैदान हजारीबाग के केंद्र में स्थित है और हजारों लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल हो सकता है, फिर भी इसे उपेक्षित क्यों छोड़ा गया है? विधायक ने सरकार से मांग की मिशन ग्राउंड को एक सुव्यवस्थित और अत्याधुनिक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाए, जिससे इसे खेल, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों के लिए उपयोग किया जा सके। इस प्रश्न पर संबंधित मंत्री ने उत्तर देते हुए बताया कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और इसकी अगली सुनवाई 28 मार्च को निर्धारित है।

न्यायालय का निर्णय आने के बाद ही सरकार अतिक्रमण को लेकर आवश्यक कार्रवाई करेगी। हालांकि, विधायक प्रदीप प्रसाद ने मंत्री के जवाब पर गहरी असंतुष्टि व्यक्त करते हुए कहा कि यदि यह लीज भूमि है, तो इसे चिन्हित कर अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। जब अन्य भूमि पर जमाबंदी हो सकती है, तो मिशन ग्राउंड की भूमि पर यह प्रक्रिया क्यों रुकी हुई है? कई सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भी इस भूमि विवाद से जुड़े हुए हैं, तो फिर सरकार निष्पक्ष जांच से क्यों बच रही है? यदि मामला न्यायालय में है, तो क्या सरकार न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा में सिर्फ मूकदर्शक बनी रहेगी? उच्च स्तरीय जांच और ठोस समाधान की मांग विधायक प्रदीप प्रसाद ने सरकार से निम्नलिखित ठोस कदम उठाने की मांग की एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर इस भूमि विवाद की निष्पक्ष जांच कराई जाए। भूमि का वास्तविक सत्यापन कर अतिक्रमण की स्थिति स्पष्ट की जाए। अतिक्रमण हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाए। मिशन ग्राउंड को एक स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाए, जिससे यह हजारीबाग की जनता के लिए उपलब्ध हो सके। विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि हजारीबाग की जनता मिशन ग्राउंड को एक ऐतिहासिक धरोहर के रूप में देखती है। यह केवल एक जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि हजारीबाग की पहचान और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने सरकार से अपील की इस विषय को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करे, ताकि यह मैदान पुनः अपने गौरव को प्राप्त कर सके और शहरवासियों के उपयोग में आ सके।