
एक तरफ जिला प्रशासन स्वच्छता अभियान चला रहा है ताकि पूरे शहर को साफ रखा जा सके तो वहीं दूसरी ओर खुद समाहरणालय भवन इस स्वच्छता अभियान से दूर है । सीसीटीवी कैमरे की निगरानी व भवन की दीवारों पर नोटिस चस्पां करने के बाद भी जहां तहां गुटखा व पान के पीक फेंक दिए जाते हैं, शौचालय की भी स्थिति वैसी ही है।