
बैठक में प्रखंड समन्वयक ने राज्य सरकार द्वारा 26 जनवरी 2025 से शुरू की गई योजना हमारी परम्परा हमारी विरासत के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया कि इस योजना अन्तर्गत अनुसूचित जनजातियों के बहुस्तरीय पारम्परिक अनुसूचित स्वशासन व्यवस्था से संबंधित साँस्कृतिक धरोहर,परम्पराओं, रूढ़ियों आदि के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए शपथ लिया जाना है। इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में निवास करने वाले विभिन्न अनुसूचित जनजातीय समुदाय के बहुस्तरीय पारम्परिक स्वशासन व्यवस्था की विवरणी (मैपिंग) तथा उससे संबंधित परम्पराओं, साँस्कृतिक धरोहर, लोकगीत, त्यौहार, पूजा पद्धति के संरक्षण, संवर्द्धन एवं अगले पीढ़ी तक पहुँचाना है। उक्त के आलोक में प्रखंड में अवस्थित सभी पारम्परिक गाँवों मेंपरम्परागत नेतृत्व (ग्राम प्रधान, मुण्डा, मानकी, माँझी,परगनैत) की अगुवाई में संलग्न प्रारूप के अनुरूप संकल्प/ शपथ लेने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।