जिस हवाई पट्टी और संबंधित क्षेत्रों में एक परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वहां अगर वन्यजीवों का बसेरा हो तो ये सुरक्षा व्यवस्था में चूक ही मानी जाएगी। कमोबेश यही सच हिसार के महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट पर सामने आया है। एयरपोर्ट को अगले चार-पांच दिनों में उड़ान भरने का लाइसेंस मिलना है। मगर उसकी हवाई पट्टी पर नीलगाय व अन्य वन्यप्राणी घूम रहे हैं। विषय इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि सोमवार को ही यहां राष्ट्रपति दौपदी मुर्मु हवाई जहाज से आई थीं। वे गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में मुख्यातिथि थीं। इसी हवाई पट्टी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र

मोदी का हेलीकॉप्टर भी लैंड कर चुका है। सेना लड़ाकू विमान उतारने का भी कर चुकी है ट्रायल सेना लड़ाकू विमान उतारने का ट्रायल कर चुकी है। हैरान करने वाली बात यह कि एयरपोर्ट के अधिकारी यहां वन्यप्राणियों के विचरण की बात को सिरे से खारिज कर रहे हैं। जबकि वन एवं वन्य प्राणी विभाग का कहना है कि यहां पहले से वन्य जीवों का बसेरा है। सवाल यह कि सुरक्षा के प्रति बेपरवाही के लिए जवाबदेह कौन है?