हजारीबाग से भाजपा के सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने झारखंड विधानसभा के पटल पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस द्वारा अपने घोषणा पत्र में किए गए वादों की याद दिलाई और सरकार से इनकी पूरा होने की स्थिति पर जवाब मांगा। उन्होंने सरकार को घेरते हुए ग्रामीण विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाया और योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी पर सवाल किए। घोषणा पत्र के वादों का क्या हुआ? पंचायतों में रोजगार सृजन का वादा अधूरा विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि झामुमो के घोषणा पत्र में हर पंचायत में 10 झारखंडी युवाओं को पंचायती राज्य योजना से जोड़ते हुए रोजगार देने की बात कही गई थी। लेकिन अब तक यह योजना धरातल पर नहीं उतर पाई है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस वादे का क्या हुआ और कितने युवाओं को रोजगार मिला? 9 करोड़ मानव जीवन सृजन का क्या हुआ? उन्होंने सरकार से सवाल किया कि 9 करोड़ मानव जीवन सृजन करने का वादा किया गया था, लेकिन इसका अब तक कोई ठोस प्रभाव नहीं दिख रहा है। वार्ड सदस्य, मुखिया, पंचायत और जिला परिषद सदस्यों को कितनी राशि दी गई, इसकी सदन में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। किसानों को वेयरहाउसिंग और कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी नहीं मिली कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में ग्रामीण क्षेत्रों में वेयर हाउसिंग और कोल्ड स्टोरेज के निर्माण में निवेश करने वाले किसानों को सब्सिडी देने का वादा किया था। विधायक ने सवाल किया कि पिछले 5 वर्षों में कितने किसानों को यह

सुविधा प्रदान की गई? सरकार को इसका आंकड़ा पेश करना चाहिए। पंचायत स्तर पर खाद्य प्रशासन इकाई का गठन अधूरा सरकार ने घोषणा की थी कि हर पंचायत स्तर पर खाद्य प्रशासन इकाई की स्थापना की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य आपूर्ति और भंडारण बेहतर हो सके। लेकिन अभी तक कितनी इकाइयों की स्थापना हुई है? विधायक ने सदन में यह जानकारी साझा करने की मांग की और इस योजना की प्रगति पर एक कमेटी गठित करने का सुझाव दिया। पंचायती वित्त आयोग की राशि जारी नहीं हुई विधायक ने बताया कि पिछले नवंबर में झारखंड सरकार और मुख्य संघ के बीच वार्ता हुई थी, जिसमें कुछ मुद्दों पर सहमति बनी थी। लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पंचायती राज्य मुखिया संघ द्वारा लगातार मांग की जा रही है कि पंचायती वित्त आयोग की राशि जारी की जाए, ताकि पंचायतें अपने विकास कार्यों को सुचारू रूप से कर सकें। सरकार को जनता को देना होगा जवाब विधायक प्रदीप प्रसाद ने सरकार से मांग की कि वह अपने वादों पर जवाबदेही तय करे और घोषणा पत्र में किए गए वादों की स्थिति को स्पष्ट करे। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता को गुमराह करने की राजनीति नहीं चलेगी और अगर सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो भाजपा इस मुद्दे को और अधिक आक्रामक तरीके से उठाएगी।