राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में बागेश्वर धाम में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित करते हुए महिलाओं की सशक्तिकरण और समाज में उनके सम्मानित स्थान पर खास जोर दिया। राष्ट्रपति ने इस मौके पर कहा कि भारत में संतों ने समाज में महिलाओं के लिए सम्मानजनक स्थान सुनिश्चित किया है और आज देश ‘महिला विकास से महिला-नीत विकास’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है।उन्होंने समारोह में मौजूद लोगों से अपील की कि वे अपनी बेटियों और बहनों को सशक्त बनाने के लिए अपने प्रयासों को बढ़ाएं। मुर्मू ने कहा, ‘‘संत समुदाय ने समाज से सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाकर उन्हें दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और समाज में महिलाओं के लिए सम्मानजनक स्थान सुनिश्चित किया है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि संत समुदाय आत्मनिर्भर, सामंजस्यपूर्ण और पर्यावरण के अनुकूल भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।251 जोड़ों के विवाह हुए संपन्न

सामूहिक विवाह समारोह में 251 जोड़ों के विवाह संपन्न हुए। राष्ट्रपति मुर्मू ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई मशीन और अन्य आवश्यक वस्त्र दिए जा रहे हैं, ताकि वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन सकें। उन्होंने महिलाओं से यह भी अपील की कि वे अपनी शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर प्रयास करें, क्योंकि यह समाज और देश की सफलता की कुंजी है।