
गुजरात के पालनपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक डिप्टी कलेक्टर अंकिता ओझा को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। अंकिता ओझा, जो कि स्टाम्प ड्यूटी मूल्यांकन कार्यालय में कार्यरत थीं, पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी काम के एवज में 3 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। एसीबी की टीम को गांधीनगर से एक क्लास वन अधिकारी को ट्रैप करने के लिए पालनपुर भेजा गया था। बताया जा रहा है कि अंकिता ओझा के खिलाफ भूमि और संपत्ति के लेन-देन में उत्पीड़न और सरकारी चालान देने के बाद भी प्रमाण पत्र जारी नहीं करने की कई शिकायतें आई थीं। जांच के दौरान, एसीबी ने अंकिता ओझा और उनके सहयोगी इमरान नागौरी को 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद एसीबी ने स्टाम्प ड्यूटी कार्यालय सहित अन्य स्थानों पर छापेमारी की और जांच शुरू कर दी। इस मामले में यह भी सामने आया कि अंकिता ओझा पिछले एक साल से विवादों में रही हैं, और स्टाम्प ड्यूटी से जुड़े कई मामलों में उनकी भूमिका संदिग्ध रही है। एसीबी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए डिप्टी कलेक्टर को गिरफ्तार किया और अब मामले की गहरी जांच की जा रही है।