महा कुम्भ में 63 विदेशी श्रद्धालुओं ने गुरु दीक्षा लेकर सनातन धर्म की गहराइयों को आत्मसात किया। शक्ति धाम में आयोजित इस विशेष आयोजन में, विदेशी भक्तों ने वैदिक मंत्रों के बीच दीक्षा ली, जिनमें शांति और मानसिक स्थिरता की तलाश में कई लोग शामिल थे। अमेरिका, रूस, कनाडा और अन्य देशों से आए श्रद्धालुओं ने अपने जीवन की दिशा बदली और

आत्मिक शांति प्राप्त की। उन्होंने भारतीय साधु-संन्यासियों को महाप्रसाद भी परोसा, जो भारतीय संस्कृति की वैश्विक स्वीकृति को दर्शाता है।