प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक संबोधन दिया। इस मौके पर उन्होंने भारतीय संस्कृति और इतिहास की महानता को उजागर किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “दुनिया में जब तलवार के जोर पर साम्राज्य बढ़ाने का दौर था, तब हमारे सम्राट अशोक ने यहां शांति का रास्ता चुना था।

” उन्होंने भारतीय शांति और सद्भाव की महान परंपरा को याद करते हुए आगे कहा, “हमारी इस विरासत का ये वही बल है, जिसकी प्रेरणा से आज भारत दुनिया को कह पाता है कि भविष्य युद्ध में नहीं है, बुद्ध में है।” यह बयान भारतीय संस्कृति, शांति, और सद्भाव के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दुनिया भर में फैलाने का एक अहम संदेश था। प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन प्रवासी भारतीयों के लिए भी विशेष रूप से प्रेरणादायक था, जो अपने देश की इस धरोहर से जुड़े हुए हैं।