जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा के प्रति युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में एक दिवसीय सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 500 से 700 छात्राओं ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा अभियान से जोड़ने के साथ-साथ इस मुहिम को घर-घर तक पहुंचाना था। छात्राओं को प्रेरित किया गया कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें तथा अपने परिवार के वाहन चालकों और आसपास के लोगों को भी सुरक्षित यातायात व्यवहार के प्रति जागरूक करें। कार्यशाला के दौरान छात्राओं को सरकार द्वारा सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता एवं दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए संचालित राह-वीर योजना, कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम और हिट एंड रन स्कीम की जानकारी दी गई। साथ ही IRAD एवं eDAR के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों के संग्रहण, विश्लेषण और प्रबंधन की प्रक्रिया भी समझाई गई। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग,

निर्धारित गति सीमा का पालन, ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के आवश्यक दस्तावेज रखने, नशे में वाहन नहीं चलाने, यातायात संकेतों का पालन करने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने के प्रति जागरूक किया गया। इसके अलावा बारिश, जलजमाव, फिसलन और कम दृश्यता जैसी परिस्थितियों में वाहन चलाते समय बरती जाने वाली सावधानियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वाहन चालकों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने और गति नियंत्रित रखने का संदेश दिया गया। छात्राओं को सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में नई तकनीक, नवाचार और डेटा प्रबंधन के माध्यम से योगदान देने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक रितेश कुमार सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल परिवहन विभाग या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सड़क सुरक्षा का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया जा सकता है। कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा प्रबंधक रितेश कुमार सिंह, रोड इंजीनियर एनालिस्ट मोहम्मद अजहद अंसारी, अमित कुमार राम, विद्यालय की प्राचार्या, शिक्षकगण एवं अन्य पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थे।
