सोनामुनी कर्मकार से संबंधित खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए मामले की जांच कराई। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, पाकुड़ की जांच में पता चला कि सितंबर और अक्टूबर 2026 का खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए जन वितरण प्रणाली विक्रेता उनके घर गया था, लेकिन उस समय सोनामुनी कर्मकार अपनी बेटी के घर कोटालपोखर गई हुई थीं। इस कारण उन्हें राशन नहीं मिल पाया था।
अत्यधिक वृद्ध होने के कारण सोनामुनी कर्मकार का फिंगरप्रिंट ई-पॉस मशीन में दर्ज नहीं हो पाता है। ऐसे में उन्हें अपवाद स्वरूप खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है।

जिला प्रशासन के निर्देश पर मंगलवार, 3 नवंबर को प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी की उपस्थिति में संबंधित डीलर ने उन्हें सितंबर एवं अक्टूबर माह का दो महीने का बकाया खाद्यान्न उपलब्ध करा दिया। प्रशासन के अनुसार अब उनके लिए कोई खाद्यान्न बकाया नहीं है।
प्रशासन के मुताबिक, सोनामुनी कर्मकार इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना की लाभुक हैं। उन्हें मार्च 2026 तक की पेंशन राशि मिल चुकी है। वहीं, अप्रैल से सितंबर 2026 तक की छह माह की पेंशन राशि एक सप्ताह पूर्व ही एसएनए स्पर्श के माध्यम से भुगतान के लिए भेज दी गई है।

