अन्नदा कॉलेज में वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों पर आजसू का अनिश्चितकालीन धरना शुरू |

अन्नदा कॉलेज में वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों पर आजसू का अनिश्चितकालीन धरना शुरू |

अन्नदा कॉलेज में वित्तीय अनियमितता के खिलाफ आजसू का अनिश्चितकालीन धरना शुरू

45 दिन की मोहलत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

हजारीबाग। अन्नदा महाविद्यालय में कथित वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) ने मंगलवार को कॉलेज गेट के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। आजसू नेताओं ने कॉलेज प्रशासन पर वित्तीय गड़बड़ियों के मामले में उदासीनता बरतने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और संघ के पदाधिकारी शामिल हुए।

आजसू नेताओं के अनुसार, महाविद्यालय में ट्यूशन फीस और छात्र कोष सहित अन्य वित्तीय मामलों में कथित अनियमितताओं को लेकर पहले भी कॉलेज प्रशासन को लिखित रूप से अवगत कराया गया था। इस मामले में कॉलेज प्रशासन ने 45 दिनों का समय मांगा था। संघ का दावा है कि निर्धारित समय पूरा होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद धरना शुरू करने से 24 घंटे पहले भी प्रशासन को अल्टीमेटम दिया गया, लेकिन सकारात्मक पहल नहीं होने पर छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया।

आजसू के जिला अध्यक्ष सत्यम सिंह ने कहा कि वित्तीय अनियमितताओं के मामले को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कॉलेज प्रशासन ने छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मामले में न्यायसंगत कार्रवाई नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

वहीं, आजसू के महानगर अध्यक्ष दीप प्रकाश नारायण ने कहा कि कॉलेज में हुए वित्तीय लेन-देन की निष्पक्ष जांच जरूरी है। जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए और यदि अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक छात्र आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।

धरना प्रदर्शन में आजसू के युवा प्रभारी विशाल प्रजापति, विनोबा भावे विश्वविद्यालय प्रभारी शिवम मिश्रा सहित ऋतिक यादव, राजू कुमार, राहुल यादव, विष्णु नायक, संकु, राहुल सिंह, मयंक सिंह, दीपक शर्मा, नमन, ऋषि, आयुष, कुणाल, सौरव और आफताब राजा समेत अन्य छात्र मौजूद थे।

आजसू ने कॉलेज प्रशासन से वित्तीय मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रों के समक्ष जांच की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। फिलहाल आंदोलन के आगे जारी रहने की घोषणा के बीच कॉलेज प्रशासन की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है।