हजारीबाग में कंटोलमेंट में खासमहाल भूमि 50डिसमिल वो 53डिसमिल अतिक्रमण पर सदर अंचल अधिकारी आशुतोष कुमार ने बताया कि यहां के वार्ड पार्षद एवं स्थानीय लोगों के द्वारा उन्हें सूचना दी गई कि यहां पर देर रात्रि में जेसीबी से काम करवाया जा रहा है आज वह यहां पर जांच के लिए पहुंचे हैं क्योंकि कोर्ट का आदेश है कि उन्हें यहां पर किसी प्रकार का तोड़फोड़ नहीं करना है इसलिए इसका जवाब अब वह कोर्ट में देंगे और वहां पर बताएंगे कि कैसे यहां पर देर रात्रि में जेसीबी के माध्यम से पुरानी बिल्डिंग जो किसी का कार्यालय था पुराने समय में उसे तोड़ दिया गया है और जो जमीन 50 डिसमिल खास महल की रिज्यूम के लिए प्रक्रिया में है उसे अतिक्रमण किया जा रहा है एवं उसके पीछे जो 53 डेसिमल की खास महल की जमीन है उसे पर भी कब्जे का प्रयास किया जा रहा है अब यह सारी जानकारी वो कोर्ट में जाकर देंगे और उसके बाद वहां से जो आदेश आएगा उसके हिसाब से आगे कार्रवाई करेंगे फिलहाल पूरे मामले की जानकारी पुलिस को भी दे दी गई है तथा पुलिस लॉ एंड आर्डर ठीक रहे इसे लेकर अपना काम करेगी पूर्व मंत्री योगेंद्र साहू ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि लिखतम के आगे बख़्तम क्या होता है यहां पर खास महल की दो जमीन है एक 50 डेसिमल की और एक 53 डेसिमल की प्लॉट है जो उन्हें जिनके नाम से

रिलीज था उसे प्राप्त हुआ है अभी चुकी उनके बेटे की शादी है इसलिए इस जमीन पर वह साफ सुथरा करवा कर फंक्शन के लिए जगह बना रहे हैं । हाई कोर्ट का आदेश अधिकारियों के लिए है कि उन्हें यहां पर आकर कोई कार्य नहीं करना है एवं कोई तोड़फोड़ नहीं करना है ऐसा कोई आदेश नहीं है कि उन्हें इस जमीन पर काम नहीं करना है अगर कोई ऐसा आदेश अधिकारी लेकर आते हैं तो वह काम नहीं करेंगे परंतु यह जमीन उन्हें लीजधारीयों से प्राप्त है इसलिए वह अपनी जमीन पर कार्य कर रहे हैं मौके पर मौजूद सदर एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह ने कहा कि चुकी यहां के स्थानीय लोग और यहां के अंचल अधिकारी के द्वारा उन्हें सूचना दी गई थी एवं एक माननीय हाई कोर्ट का आदेश भी उन्हें भेजा गया था जिसमें स्टेटस बहाल रखने का आदेश है इसलिए वह यहां पहुंचे हैं लॉ एंड आर्डर ठीक रहे या उनकी जिम्मेदारी है अगर यहां पर कोई चीज गैरकानूनी हुई है तो यहां के स्थानीय लोगों के द्वारा अगर आवेदन प्राप्त होता है या फिर अंचल अधिकारी उन्हें आवेदन देते हैं तो जिनके ऊपर यह आवेदन होगा उनके ऊपर प्राथमिक की दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी । फिलहाल देखना यह है कि जो जमीन लगातार अतिक्रमण को लेकर चर्चा में है और आप अतिक्रमण करने का पूर्व मंत्री योगेंद्र साहू पर लग रहा है उसे जमीन को लेकर आगे प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है या फिर माननीय हाई कोर्ट का क्या आदेश आता है लेकिन एक बार फिर से इस जमीन पर कोर्ट के आदेश के बावजूद योगेंद्र सब पर काम करने अंदर मौजूद एक खंडहरनुमा बिल्डिंग जो पहले एक सरकारी कार्यालय हुआ करता था उसे तोड़ने का आरोप लगा है