आदिवासी जतरा मेला का भव्य आयोजन ग्राम – दोखा कुड़वा – खोड़ाहार बरही जिला हजारीबाग में किया गया जिसमें बतौर मुख्य अतिथि झामुमो के केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य सह हजारीबाग जिलाध्यक्ष माननीय श्री संजीव बेदिया जी शामिल हुए l कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर मुख्य अतिथि श्री संजीव बेदिया जी का आदिवासी रीति रिवाज से ढोल नगाड़े के साथ मंच तक लाया गया l मंच पर उपस्थित होने के बाद कमिटी के लोगों ने उन्हें झारखंड के पारंपरिक माला पहनाकर एवं पारंपरिक टोपी पहनाकर तथा अंग वस्त्र देकर भव्य स्वागत किया गया l कार्यक्रम की शुरुआत

मुख्य अतिथि श्री बेदिया ने दीप प्रज्वलित कर किया l इस विशाल मेला को संबोधित करते हुए श्री संजीव बेदिया जी ने कहा कि जतरा मेला आदिवासियों की पहचान है और यह जतरा मेला आदिवासियों की एकजुटता का प्रतीक है l उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में आदिवासी जहाँ भी है वो अपनी पारंपरिक तौर तरीका नहीं भूलते हैं और हर एक परिवार जल जंगल और जमीन से जुड़ा होता है और यही कारण है कि आदिवासी अपना सभ्यता को नहीं भूलते हैं और हर क्षेत्र और सेक्टर में आदिवासी युवा आगे बढ़ रहे हैं पढ़ लिखकर नौकरी ले रहे हैं अपनी योग्यता बढ़ा रहे हैं और ये हम सबों के लिए गर्व की बात है l उन्होंने अपने संबोधन में अपील भी किया जो आदिवासी युवा नशा के चक्कर में पड़ जाते हैं वो इस से बाहर निकले और वास्तविक जिंदगी की ओर अग्रसर बने l
