पाकुड़ प्रखंड की सीतापहाड़ी पंचायत के उल्लुपाड़ा गांव में सरकारी राशि से निर्मित सामुदायिक शौचालय को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आम लोगों की सुविधा के लिए स्वीकृत करीब डेढ़ लाख रुपये की योजना के तहत शौचालय का निर्माण सार्वजनिक स्थल के बजाय वार्ड सदस्य सारूल शेख के घर के आंगन में कराया गया है। ग्रामीणों के अनुसार योजना से संबंधित बोर्ड भी बाहर लगाने के बजाय बाथरूम के अंदर रखा गया था। ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय का निर्माण करीब दो वर्ष पहले कराया गया था। निर्माण के बाद न तो योजना का बोर्ड सार्वजनिक रूप से लगाया गया और न ही इसका उद्घाटन कराया गया। इस कारण स्थानीय लोग इसे निजी निर्माण समझते रहे। हाल ही में कुछ युवकों द्वारा मौके पर पहुंचकर पड़ताल किए

जाने के दौरान बाथरूम के अंदर योजना का बोर्ड मिलने की बात सामने आई। बोर्ड पर 15वें वित्त आयोग के तहत पंचायत समिति से स्वीकृत योजना का विवरण दर्ज होने की बात कही जा रही है। ग्रामीण इमरान शेख, अबेदुर रहमान समेत अन्य लोगों ने बताया कि शौचालय तक पहुंचने के लिए कई संकरी गलियों से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में इसे सामुदायिक उपयोग के लिए बनाए जाने की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर योजना की स्वीकृति, निर्माण स्थल, खर्च और उपयोगिता की जांच कराने की मांग की है। साथ ही सीतापहाड़ी पंचायत में संचालित अन्य विकास योजनाओं की भी जांच कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने बीडीओ और जिला प्रशासन से मामले की जांच कर यदि अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई तथा सरकारी राशि की वसूली की मांग की है।
