ममता बनर्जी के एक भाषण को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा चर्चा में है। पोस्ट में कहा गया कि भाषण सुनने के बाद चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया यानी CJI ने भी ताली बजाई। भाषण में ममता बनर्जी ने कहा कि संविधान खतरे में है और लोकतंत्र दबाव में है। उन्होंने मीडिया ट्रायल को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि आम जनता इससे प्रभावित हो रही है। ममता ने न्यायपालिका को

संविधान का रक्षक बताते हुए कहा कि देश के लोग संविधान की छत्रछाया में न्यायपालिका के संरक्षण में हैं। उन्होंने न्यायपालिका से संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करने की अपील की। हालांकि, CJI द्वारा ताली बजाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इसे तथ्य के रूप में नहीं कहा जा सकता। सोशल मीडिया पोस्ट में इन टिप्पणियों को ममता बनर्जी के भाषण से जोड़कर पेश किया गया है।
