एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी 4 अक्टूबर को लखनऊ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी के लिए अपनी राजनीतिक जमीन नहीं छोड़ेगी। ओवैसी ने कहा कि मुसलमान किसी के वोट बैंक नहीं हैं और समुदाय की अपनी राजनीतिक आवाज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को उनके अधिकार मिलने चाहिए और वे अपने हक की आवाज खुद उठाएंगे। लखनऊ पहुंचने के दौरान ओवैसी के इस बयान को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई

है। उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से राजनीतिक रूप से सक्रिय रहने की बात भी कही। ओवैसी के बयान में मुस्लिम समुदाय की राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व का मुद्दा प्रमुख रहा। उनके इस बयान पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
