कर्नाटक: उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने LPG बॉटलिंग यूनिट्स का औचक निरीक्षण किया। ‘मिशन निखार’ के तहत 24 सितंबर को राज्य की 18 LPG बॉटलिंग यूनिट्स की जांच की गई। इनमें BPCL, HPCL, IOCL, टोटल एनर्जीज और निजी यूनिट्स शामिल थीं। निरीक्षण के दौरान 1,530 भरे हुए सिलेंडरों का वजन किया गया। इनमें 1,148 सिलेंडरों में तय मात्रा के बराबर या उससे अधिक गैस मिली, जबकि 382

सिलेंडरों में बताई गई मात्रा से कम गैस पाई गई। हालांकि, विभाग के अनुसार इन सिलेंडरों में कमी स्वीकार्य त्रुटि सीमा के भीतर थी। नियमों के उल्लंघन पर तीन मामले दर्ज किए गए और 79 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। मंत्री रिजवान अरशद ने कहा कि सही मात्रा में LPG मिलना उपभोक्ता का अधिकार है। उपभोक्ताओं को डिलीवरी के समय अपने सामने सिलेंडर का वजन कराने की सलाह दी गई है।

