ओडिशा सरकार के अलग-अलग विभागों में सरकारी धन के इस्तेमाल और योजनाओं से जुड़ी कई अनियमितताएं CAG की अनुपालन ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई हैं। 31 मार्च 2024 तक की इस रिपोर्ट में पेयजल, जमीन, खनन, सड़क, शिक्षा, सिंचाई और DMF फंड से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। ऑडिट के अनुसार, बरगढ़ और ढेंकानाल में करीब 43 लाख रुपये की लागत से बने 9 सोलर वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट बंद मिले, जिससे करीब 28 हजार 820 लोग पेयजल सुविधा से वंचित रहे।

वहीं 2.59 करोड़ रुपये की 25 सरकारी परिसंपत्तियों पर अनधिकृत कब्जे का मामला सामने आया। रिपोर्ट में बिना टेंडर 3.30 करोड़ रुपये के काम, 77.80 लाख रुपये की पेंशन राशि अनधिकृत रूप से रखने और करीब 598 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन पर कब्जे का भी जिक्र है। खनन क्षेत्र में पर्यावरण मंजूरी से जुड़े मामलों में 975 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी सामने आई। वहीं DMF फंड के इस्तेमाल में भी नियमों की अनदेखी के कई मामले दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट में सरकारी विमान, हेलीकॉप्टर, सड़क और सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े खर्चों पर भी सवाल उठाए गए हैं।
