केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि आरक्षण किसी को दी जाने वाली खैरात या चैरिटी नहीं है, बल्कि यह संविधान से मिला अधिकार है। चिराग पासवान ने कहा कि आरक्षण की व्यवस्था उन वर्गों को सामाजिक और आर्थिक रूप से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की गई, जिन्हें लंबे समय तक भेदभाव और असमानता का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरक्षण का विरोध कर रहे लोगों से संवाद की जरूरत पर भी जोर दिया। चिराग

पासवान का कहना है कि किसी भी मुद्दे पर बातचीत और संवैधानिक व्यवस्था के दायरे में समाधान तलाशना जरूरी है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश के अलग-अलग हिस्सों में आरक्षण को लेकर बहस और विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि आरक्षण को किसी की दया या कृपा के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे संविधान द्वारा प्रदान किए गए अधिकार के रूप में समझना चाहिए।

