हजारीबाग के विनोबा भावे विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में बुधवार को गोस्वामी तुलसीदास की जयंती के अवसर पर विद्वत् वक्तव्य और रामचरितमानस के सुंदरकांड का संगीतमय सस्वर पाठ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्वानों ने तुलसीदास के साहित्य, उनके कृतित्व और भारतीय सांस्कृतिक चेतना में रामचरितमानस के महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान तुलसीदास की लोकमंगल की भावना, उनकी काव्य-दृष्टि और रामचरितमानस की समकालीन प्रासंगिकता पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि तुलसी साहित्य भारतीय समाज की सांस्कृतिक और नैतिक चेतना को समृद्ध करने वाला महत्वपूर्ण स्रोत है।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण पाणिनि और पतंजलि बंधुओं द्वारा प्रस्तुत सुंदरकांड का सुमधुर संगीतमय पाठ रहा। स्वर, लय और भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और रसमय बना दिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, विद्वान और विद्यार्थी मौजूद रहे।

