नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनीता बोस फाफ ने अपने पिता के कथित पार्थिव अवशेषों को जापान के टोक्यो स्थित रेंकोजी मंदिर से भारत लाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले में CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय को नोटिस जारी किया है। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील एएम सिंघवी ने कहा कि यह महत्वपूर्ण मामला है, क्योंकि नेताजी की बेटी खुद अदालत के सामने आई हैं। जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने पहले केंद्र सरकार का जवाब आने की बात कही, जिसके बाद कोर्ट ने नोटिस

जारी करने का आदेश दिया। अनीता बोस फाफ लंबे समय से नेताजी के अवशेष भारत लाने की मांग करती रही हैं। उनका कहना है कि नेताजी को उनकी मातृभूमि की धरती पर अंतिम सम्मान मिलना चाहिए। बता दें कि नेताजी की 1945 में विमान हादसे में मौत की आधिकारिक धारणा रही है, जबकि उनकी मृत्यु को लेकर लंबे समय से अलग-अलग दावे और चर्चाएं होती रही हैं। अब इस मामले में केंद्र सरकार के जवाब का इंतजार है।

