कोयलांचल में मेडिकल एवं इंजीनियरिंग की तैयारी कराने वाला भरोसेमंद और विश्वसनीय संस्थान गोल ने हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नीट में धनबाद ब्रांच से सफल 50 से अधिक छात्रों को कैश अवॉर्ड, टॉपर्स ट्रॉफी, मेडल, स्टेथोस्कोप एवं एप्रन प्रदान कर सम्मानित किया। जहां आगे की तैयारी कर रहे सैकड़ों छात्रों, उनके माता-पिता एवं अभिभावक, संस्थान के पदाधिकारी तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों से आकर यहां के छात्रों को अनुभवी शिक्षा दे रहें शिक्षकों की भी मौजूदगी रही। किसी ने सफलता का श्रेय क्लासेस, टेस्ट सिरिज, उचित मार्गदर्शन, विशेषज्ञ टीचर्स के समर्पण, तो किसी ने गोल हॉस्टल के कॉम्पेटिटीव माहौल और अनुशासित वातावरण को बताया। मुख्य अतिथि बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के कुलपति श्री राम कुमार सिंह ने गोल संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि मैं विगत कई वर्षों से इस संस्थान के बारे में सुनता रहा हूँ और आज यहाँ एक साथ इतने सफल छात्रों को व्हाइट-कोट में देखकर अत्यंत प्रसन्न और अभिभूत हूँ।

धनबाद जैसे छोटी सी जगह से हर वर्ष इतनी बड़ी संख्या में छात्रों का मेडिकल में चयन होना वास्तव में गर्व की बात है। गोल संस्थान समाज, राज्य और राष्ट्र के लिए उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित शहर के सुप्रसिद्ध ईएनटी सर्जन डॉ. सुजीत कुमार ने सफल छात्रों सहित सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएँ दीं तथा मेडिकल क्षेत्र की चुनौतियों से भी अवगत कराया। गोल इंस्टिट्यूट के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक श्री बीपीन सिंह जी ने कहा कि यह सफलता छात्रों की अथक मेहनत के साथ ही उनके माता-पिता एवं अभिभावकों का हमारे संस्थान के प्रति विश्वास का परिणाम है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय संस्थान की पूरी ऑपरेशनल टीम, हर एक रिजल्ट ओरिएंटेड एक्टिविटी एवं समर्पित अनुभवी शिक्षकों के साथ को दिया। गोल धनबाद के केंद्र निदेशक श्री संजय आनंद ने कहा कि विगत 28 वर्षों में गोल संस्थान से 18 हजार से अधिक छात्र डॉक्टर तथा हजारों छात्र इंजीनियर बनकर देश-विदेश में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। गर्व तब और बढ़ जाता है, जब झारखंड एवं बिहार के विभिन्न जिलों के साथ-साथ प्रखंड स्तर के अस्पतालों में भी गोल के छात्र मानवता की सेवा दे रहे हैं। आज देश के लगभग प्रत्येक प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में गोल के छात्र बड़ी संख्या में अध्ययनरत है। पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन गोल के चीफ को-ऑर्डिनेटर श्री अभिषेक कुमार ने किया।

