हजारीबाग में जिला संवेदक संघ के बैनर तले समाहरणालय मुख्य द्वार पर रॉयल्टी चालान और लंबित भुगतान को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। संवेदकों ने झारखंड सरकार द्वारा निर्माण सामग्री पर रॉयल्टी चालान अनिवार्य करने और पेनाल्टी को दो गुना से बढ़ाकर दस गुना किए जाने का विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मौजूदा नियमों के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं और पुराने भुगतानों का निपटारा भी अटका हुआ है।

संघ ने लंबित बिलों का शीघ्र भुगतान, रॉयल्टी नियमों में संशोधन, स्पष्ट गाइडलाइन और निविदा प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की। संवेदकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो भविष्य में सरकारी निविदाओं का बहिष्कार जारी रहेगा। धरने में जिले भर से बड़ी संख्या में संवेदकों ने भाग लिया।

