गया जिले के फतेहपुर प्रखंड के रंगुनगर गांव में शुक्रवार को हुए दर्दनाक हादसे का अंत राहत भरी खबर के साथ हुआ। 30 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 3 साल के मासूम को एनडीआरएफ और प्रशासन की टीम ने सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया है।
मासूम बच्चा करीब कई घंटों तक बोरवेल में फंसा रहा।
एनडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
आधुनिक तकनीक और मशीनों की मदद से बच्चे तक पहुंच बनाई गई।

आखिरकार अथक प्रयासों के बाद बच्चा सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने तुरंत बच्चे की स्वास्थ्य जांच की और उसे एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
जनता की प्रतिक्रिया:
गांव और आसपास के लोग राहत की सांस ले रहे हैं। सभी ने प्रशासन और रेस्क्यू टीम की मेहनत की सराहना की।
सवाल अब भी बरकरार:
नल-जल योजना के लिए खोदा गया बोरवेल खुला क्यों छोड़ा गया?
क्या सुरक्षा इंतज़ामों की कमी इस हादसे की वजह बनी?
जिम्मेदार अधिकारियों पर कब और कैसी कार्रवाई होगी?
हालांकि मासूम सुरक्षित है, लेकिन यह घटना प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। लोगों की मांग है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

