जिले के पतरातू प्रखंड स्थित भुरकुंडा सौंदा डी पंचायत में पंचायत बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आयोजित आवासीय कॉलोनी वासियों की एक महत्वपूर्ण बैठक में हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल मुख्य रूप से शामिल हुए। बैठक में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे और प्रस्तावित खनन परियोजना से उत्पन्न विस्थापन के खतरे को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।बैठक में निर्णय लिया गया कि खनन कार्य आवासीय कॉलोनियों को छोड़कर किया जाए,जिससे लगभग 60 वर्षों से यहां बसे परिवारों को विस्थापन का दंश न झेलना पड़े।वहीं सांसद मनीष जायसवाल ने कहा की विस्थापन का दर्द मैं बखूबी समझता हूं।जब सीसीएल को जरूरत थी तब आपको

विस्थापित कर यहां बसाया गया। आपकी कई पीढ़ियां यहां बीत गईं और अब आपको फिर से उजाड़ने की बात करना कतई न्यायोचित नहीं है।उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे को संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से जीएम स्तर से लेकर केंद्रीय कोयला मंत्री तक पहुंचाएंगे तथा संबंधित अधिकारियों को यह एहसास कराएंगे कि जिन लोगों ने जरूरत के समय संस्थान का साथ दिया,उन्हें बेघर करना मानवीय दृष्टि से उचित नहीं है।इस मामले का समाधान होगा और यदि किसी कारणवश ऐसा नहीं हो सका,तो आपको जो उजाड़ने आएगा,उसकी अग्रिम पंक्ति में आपके साथ मुझे पाएंगे।

