हजारीबाग के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में जिले के नोटरी पब्लिक सदस्यों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता और नोटरी की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि हाल के दिनों में फर्जी और भ्रामक दस्तावेजों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री के मामले सामने आए हैं, इसलिए किसी भी दस्तावेज का नोटरीकरण करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि नोटरी पब्लिक की सतर्कता से भू-माफियाओं और असामाजिक तत्वों द्वारा होने वाले भूमि फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। उपायुक्त ने सभी नोटरी सदस्यों से ईमानदारी, पारदर्शिता और कानून के अनुरूप कार्य करने तथा किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को देने की अपील की।

