फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में समुद्री सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठा। प्रधानमंत्री मोदी ने ओमान की खाड़ी में हाल ही में हुई घटना, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई थी, का जिक्र करते हुए समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में लाखों भारतीय नाविक समुद्री क्षेत्र में कार्यरत हैं और उनकी सुरक्षा

भारत की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह एक कठिन पेशा है और इस दिशा में दोनों देश मिलकर काम करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए समुद्री मार्गों को सुरक्षित और खुला रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है।

