पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया यानी NCPI अचानक सुर्खियों में आ गई है। 2022 में एक अनरिकॉग्नाइज्ड राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत इस पार्टी का अब तक कोई विधायक या बड़ा जनाधार नहीं रहा है।

2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में इसके उम्मीदवारों को बेहद कम वोट मिले थे। लेकिन अब तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों के संभावित विलय की खबरों के बाद यह पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। पार्टी की अध्यक्ष शेवली कुंडू हैं, जबकि शांतनु डे इसके संस्थापक और राष्ट्रीय संगठन सचिव हैं। दिलचस्प बात यह है कि 2023 में पार्टी ने दलबदल के खिलाफ चुनावी नारा दिया था, लेकिन आज वही पार्टी बड़े राजनीतिक दलबदल के कारण सुर्खियों में है। यदि सांसदों का विलय होता है तो NCPI की राजनीतिक पहचान अचानक काफी मजबूत हो सकती है।

