डी ए वी पब्लिक स्कूल के प्रांगण में तीन दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें झारखंड जोन के विभिन्न विद्यालयों के करीब 200 शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शैक्षिक उत्कृष्टता को बढ़ाना और छात्रों को तनावमुक्त शिक्षण पद्धति से अवगत कराना है। इस वर्ष डीएवी सीएई नई दिल्ली के तत्वाधान में डी ए वी में आयोजित तीन दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला में डी ए वी स्कूल झारखंड जोन एच एवं अन्य जोन के विभिन्न विद्यालय क्रमशः महेशपुर, महगामा, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, सरिया, चित्रा, बोकारो, कोडरमा, दुमका, साहिबगंज एवं पाकुड़ के शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यशाला के प्रथम दिन के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि न्यायालय के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद ने प्राचार्य डॉ विश्वदीप चक्रवर्ती, प्राचार्य चित्रा राघवेंद्र तिवारी, प्राचार्य महागमा संजीव कुमार श्रीवास्तव

एवं अन्य अतिथियों के साथ सम्मिलित रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया।कार्यशाला में गणित, विज्ञान, शारीरिक शिक्षा, सामाजिक विज्ञान तथा कला के प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर के 200 शिक्षकों ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित माननीय न्यायाधीश कुमार क्रांति प्रसाद ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशाला शिक्षकों में रचनात्मक और शैक्षणिक क्षमता के विकास में सहायक सिद्ध होती है। इस कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान और कौशल भविष्य में शिक्षण कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सभी विषयों के प्रशिक्षकों ने इस बात पर चर्चा किया कि छात्रों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए उचित खानपान, खेलकूद, योग तथा ध्यान के लिए भी उन्हें प्रेरित करने की आवश्यकता है।

