दिल्लीवासियों को जून की भीषण गर्मी के बीच बिजली के बढ़े हुए बिल का झटका लगने वाला है। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग यानी DERC ने बिजली वितरण कंपनियों को मासिक आधार पर पावर परचेज एडजस्टमेंट चार्ज यानी PPAC वसूलने की अनुमति दे दी है। पहले यह चार्ज हर तिमाही में लगाया जाता था, लेकिन अब इसकी वसूली हर महीने होगी। DERC के आदेश के अनुसार, BSES के उपभोक्ताओं को बिजली बिल में करीब 2.5 से 3.5 प्रतिशत तक अधिक भुगतान

करना पड़ सकता है, जबकि टाटा पावर क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर लगभग 1 प्रतिशत अतिरिक्त भार पड़ेगा। हालांकि दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी का लाभ लेने वाले 200 से 500 यूनिट तक के उपभोक्ताओं पर इसका असर नहीं होगा। वहीं अधिक बिजली खर्च करने वाले घरेलू, व्यावसायिक और गैर-सब्सिडी उपभोक्ताओं के बिल में 7 से 18 प्रतिशत तक अतिरिक्त सरचार्ज जुड़ सकता है। बढ़ती बिजली खरीद लागत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

