महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन एवं आंगनबाड़ी सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मॉडल आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित विभागीय योजनाओं के संचालन, ऑनलाइन पोर्टल प्रविष्टि, आवेदन प्रक्रिया, लाभुक स्वीकृति, भुगतान प्रक्रिया तथा विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत लंबित मामलों के निष्पादन, लाभुक पंजीकरण, फेस रिकग्निशन सिस्टम, फेस ऑथेंटिकेशन, आधार सीडिंग, डीबीटी इनेबल, एनपीसीआई मैपिंग तथा भुगतान प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही निर्देश दिया गया कि एएनसी जांच के 30 दिनों के भीतर

लाभुकों का पंजीकरण एवं आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली जाएं, ताकि उन्हें समय पर योजना का लाभ उपलब्ध कराया जा सके। इसके अतिरिक्त सैम, मैम, पोषण ट्रैकर अंतर्गत दैनिक मॉनिटरिंग, आंगनबाड़ी केंद्रों के आधारभूत संरचना विकास, होम विजिट, टीएचआर वितरण, जीएमडी मशीन के उपयोग सहित विभागीय योजनाओं के विभिन्न मॉड्यूल पर भी विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उप विकास आयुक्त अरविन्द कुमार लाल ने आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ व्यवहार परिवर्तन संचार से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाएं सरकार और समाज के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण एवं बाल विकास संबंधी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस बाड़ा ने सभी प्रतिभागियों से अपील किया कि प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू करें तथा अपने आसपास कार्यरत अन्य आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ भी साझा करें, ताकि योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभुक तक समय पर एवं पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।

