उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने श्रम, उद्योग एवं नियोजन विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए। श्रम विभाग की समीक्षा के क्रम में श्रम अधीक्षक ने बताया कि तीन प्रवासी मजदूरों की मृत्यु से संबंधित मामलों में सहायता राशि भुगतान की प्रक्रिया लंबित है, जिसे शीघ्र निष्पादित किया जाएगा। इस पर उपायुक्त ने संबंधित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करते हुए लाभुकों को जल्द से जल्द सहायता राशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने पंजीकृत श्रमिकों को चिकित्सा सहायता योजना से अधिकाधिक लाभान्वित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी बीमारी की स्थिति में पंजीकृत श्रमिकों को इस योजना के अंतर्गत 40 दिनों तक उनके मानदेय में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाती है। उन्होंने अधिकारियों को इस महत्वपूर्ण योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक श्रमिक इसका लाभ प्राप्त कर सकें। बैठक में उपायुक्त ने तीनों श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को असंगठित क्षेत्र के कम-से-कम 200- 200 श्रमिकों तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्यों से जुड़े 100-100 श्रमिकों का निबंधन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी संबंधित विभागों एवं निजी प्रतिष्ठानों से जून माह तक अंडरटेकिंग

प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की कार्रवाई पूर्ण करने को कहा। उद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत जिले को 26 का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसके विरुद्ध 33 आवेदन प्राप्त किए गए हैं। इनमें से 4 मामलों में स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उपायुक्त ने शेष आवेदनों के त्वरित निष्पादन एवं पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि विभागीय स्तर से अभी लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत प्राप्त प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा लाभुकों को समयबद्ध तरीके से योजना का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। नियोजन विभाग की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने रोजगार कार्यालय में हुए निबंधन, रोजगारोन्मुख गतिविधियों एवं युवाओं को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने युवाओं को अधिकाधिक रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने तथा विभागीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सक्रिय पहल करने का निर्देश दिया।

