NEET-UG पेपर लीक मामले की सुनवाई आज सुप्रीम कोर्ट में हुई, जहां राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को कड़ी फटकार लगी। अदालत ने कहा कि NTA को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) जैसी संस्थाओं से सीख लेनी चाहिए, जहां परीक्षाओं पर सवाल नहीं उठते। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिम्मेदारी तय किए बिना ऐसी प्रणालीगत गलतियों को रोका नहीं जा सकता। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कहा कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों का

प्रभावित होना गंभीर चिंता का विषय है। अदालत ने यह भी कहा कि निगरानी तंत्र के बावजूद इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हुई, इस पर जवाब जरूरी है। राधाकृष्णन समिति की रिपोर्ट और NTA के हलफनामों पर भी सुनवाई हुई। केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब मांगा गया है। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि 21 जून की परीक्षा की निगरानी उच्च स्तर पर हो रही है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई जुलाई में तय की है और फिलहाल निगरानी जारी रखने को कहा है।

