चाचकी गाँव की एक गरीब महिला से किए गए वादे को समाजसेवी अज़हर इस्लाम ने पूरा किया। इस संबंध में अज़हर ने बताया कि ईद के एक दिन पूर्व चाचकी गाँव की महिला रोते हुए उनके पास आई थीं। महिला ने अज़हर को बताया कि उसके पति पिछले कई वर्षों से गंभीर बीमारी के कारण बिस्तर पर हैं। परिवार में आठ छोटे बच्चे हैं, घर में कोई कमाने वाला नहीं है। बच्चों को खिलाने के लिए घर में एक दाना अनाज तक नहीं था।

अज़हर ने उसी रात कार्यकर्ताओं के माध्यम से कुछ आर्थिक सहयोग और चार-पाँच दिनों का राशन उनके घर भिजवाया, ताकि ईद के अवसर पर परिवार को भूखा न रहना पड़े। अज़हर ने महिला से वादा किया था कि वे उनके घर जाकर स्थिति देखेंगे। सुबह से हो रही बारिश में कीचड़ भरे खेतों से चलकर अज़हर महिला के घर पहुंचे एवं तीन चार महीने का राशन मुहैया कराया साथ ही वादा किया कि जर्जर हो चुके घर की स्थिति को बेहतर बनाएंगे। अज़हर ने कहा कि इंसानियत का रास्ता कभी आसान नहीं होता, लेकिन यही सबसे खूबसूरत रास्ता होता है।

