Vinoba Bhave University, हजारीबाग में आयोजित तीन दिवसीय फैकल्टी क्षमता निर्माण कार्यशाला के दूसरे दिन समावेशी शिक्षा और विशिष्ट अधिगम अक्षमता यानी SLD विषय पर चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का आयोजन जेसी बोस भवन में किया गया, जहां शिक्षकों और प्रतिभागियों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी गई।

कार्यशाला में SOCH Foundation की आकांक्षा अग्रवाल और COL-CEMCA की सुमन चौधरी ने SLD से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। वहीं भोपाल स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज की सहायक प्राध्यापक शीना थॉमस ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि एक शिक्षक के लिए सही नजरिया सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है।
कार्यक्रम में डिस्लेक्सिया, डिस्ग्राफिया और डिस्कैल्कुलिया जैसी अधिगम कठिनाइयों को समझाने के लिए सिमुलेशन आधारित गतिविधियां कराई गईं। साथ ही असिस्टिव टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन और रोल प्ले गतिविधि प्रतिभागियों के आकर्षण का केंद्र रही।

