रांची में आज ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (AIDSO) की झारखंड राज्य कमेटी के नेतृत्व में छात्रों ने राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से कर्तव्य भवन तक आक्रोश मार्च निकाला और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू किए जा रहे क्लस्टर सिस्टम और पुनर्गठन के नाम पर शिक्षकों के पद सरेंडर किए जाने के खिलाफ था। छात्र संगठन का आरोप है कि क्लस्टर सिस्टम लागू होने से कॉलेजों में पारंपरिक विषय सीमित हो जाएंगे, जिससे छात्रों के विषय चयन का दायरा घटेगा और ग्रामीण

पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने यह भी चिंता जताई कि नई व्यवस्था से छात्राओं को दूर-दराज के कॉलेजों में जाना पड़ेगा, जिससे उनकी सुरक्षा और ड्रॉपआउट दर पर गंभीर असर पड़ सकता है। साथ ही, अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ाई के कारण छात्रों को समय, पैसा और संसाधनों की भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी। AIDSO ने आरोप लगाया कि शिक्षकों के पद सरेंडर करने से कॉलेजों में शैक्षणिक व्यवस्था और अधिक कमजोर हो जाएगी। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस नीति को वापस नहीं लिया, तो पूरे झारखंड में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में बड़े पैमाने पर आंदोलन और तालाबंदी की जाएगी।

